लंदन। मंगल ग्रह पर वायुमंडलीय कार्बन डाईऑक्साइड को प्रभावी तरीके से ऑक्सीजन में बदलने की आदर्श स्थितियां मौजूद हैं। एक नये अनुसंधान में यह दावा किया गया है कि भविष्य में प्लाज्मा तकनीक के इस्तेमाल से ऐसा संभव हो सकेगा। पुर्तगाल की यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्टो और पेरिस की इकोल पॉलिटेक्निक के शोधकर्ताओं के मुताबिक मंगल के वातावरण में 96 प्रतिशत कार्बन डाईऑक्साइड मौजूद है।
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